Issue : 10, November - December 2021
AUTHOR NAME : Dr. Neelam - Rathi
सामाजिक सरोकारों के रचनाकार रघुवीर सहाय समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार हो या संवेदनहीनता उससे उनको बड़ी चिढ़ थी समाज सुधार के लिए वे यथास्थिति वाद को जिम्मेदार समझते थेऔर हस्तक्षेप को अनिवार्य मानते थे।
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